ज़िन्दगी होगी तुम्हारे साथ,
दूर होंगे तनाह हम
वो गुज़रे हुए हसीं पल
कितने गिले कितने गम
याद आता है जब वोह समाः
हो जाती है आँखें नम.
वो हर एक छोटी बात,
वो हमारा रूठना मनाना
बस सिर्फ तुम्हारा ही साथ .
ज़िन्दगी जीने का बहाना
कब यह मोड़ आ गया
कैसे हो गए इतने फासले
यह सैलाब रोके न रुका
हो गया हर सपना चूर
सोचा नहीं था
कभी यूँ मीलोगे
तूम
ज़िन्दगी होगी तुम्हारे साथ
दूर होंगे तनाह हम
