मुस्कुरा रही थी मैं कल रात
देखा गाल गीले से हैं
क्या पता क्या हुई थी बात
जो आंखों से आंसू चल पड़े हैं
दोस्ती का मतलब पूछा उसने
आंसुओं को भी हंसी आ गई
मिल जाए जो मतलब इसमें
तो टूट जायेंगे भ्रम बढ़े बढ़े
सोच ही रही थी मैं यह बात
की बड़े जोर से आवाज आई
देखा मेरा भ्रम पड़ा था टूटा
दम तोड़ती दोस्ती ही थी जो कल रात.....
हल्के से मुस्कुराई ।
