यकीन के तीन अक्षर
हैं ज्यादा ज़रूरी
प्यार के ढाई अक्षर
करते नहीं ज़िन्दगी पूरी
प्यार हो जितना ही गहरा
अगर देता नहीं वोह विश्वास
रह जाता है सपना हर अधुरा
अधूरी रहती हर दिल की आस
समझाई यह दिल की बात
मैंने रो रो बार बार
बिना विश्वास छूटा साथ
हुई बिन बात प्यार की हार
