चिड़िया रोज़ चेचाहती है,
बच्चे हंस के खिलखिलाते हैं,
यह अँधेरा क्यूँ है फिर आस पास ?
हर तरफ ज़िन्दगी भरी है,
हवा भी मंद मंद मुस्कुराती है,
चांदनी मैं रात को सितारे जगमगाते हैं
यह अँधेरा क्यूँ है फिर आस पास ?
कुछ लोग प्यार इतना बरसाते हैं,
ख़ुशी से आंसू छलछलाते हैं
दूर जाके भी दिल में रह जाते हैं,
यह अँधेरा क्यूँ है फिर आस पास ?
क्यूँ यह अँधेरा नहीं जाता,
क्यूँ रौशनी दिल मैं नहीं उतरती,
क्यूँ आँख नहीं मुस्कुराती,
क्यूँ आखिर यह मौत नहीं आती ?
