सोमवार, 10 अक्टूबर 2011

और प्यार हो गया ...

वो भी था तनाह सा,
वो भी थी तनाह सी,
दोनों का रास्ता था खोया सा,
और ज़िन्दगी एक पहेली सी /

एक के आँखों मैं थे आंसू,
उसकी ऑंखें भी थी नम,
दोनों की अधूरी आरजू,
टूटे सपने और एक जैसा गम /

दोनों खड़े थे एक ही मोड़ पर
पुरानी जंजीरों से जकड़े थे,
तनाह राह के किसी छोर पर,
गुज़रे सायों को अब भी पकडे थे /

दोस्ती ने दस्तक दी,
मुस्कराहट ने आवाज़ लगायी,
आँखों मैं हलकी सी चमक आई,
और चुपके से ख़ुशी वापस आई /

दिल तो थे प्यार से भरे,
कब तक तनाह तरसते,
दोनों थे दर्द से जुड़े,
चल पड़े एक ही रास्ते /

कहानी है और भी,
मोड़ आया बड़ा हसीं,
धीरे धीरे प्यार ने सांस ली,
गम का साया छूता कहीं

.............. और प्यार हो गया ..... !!



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