नन्हें से तुम आए
मासूम शरारत से भरे
धीरे से जब मुस्कुराए
हुआ हमारा हर गम परे
छोटी छोटी खुशियों से
खिला हर कोना घर का
बिखरी प्यार की खुशबू
मन हमारा मंद मंद महका
बांधा सबको एसी डोर से
बिना किसी बल के,जोर के
तुम्हारी इस मोहक धुन से
हर धडकन हंस के धडके
दिया जिसने ये प्यारा तोहफा हमे
उस भगवान को नमन मेरा
मेरी हर खुशी मिले विरासत मे तुम्हे
बस इतनी सी है मेरी दआ

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