दिल थोडा थमा सा
डर एक कोने मे है छुपा
रुकावटे राह मे कठिन
रास्ते मे घना बहता अंधेरा
हर पल ढूंढे उम्मीद
रौशनी की ऐक किरण
तिनके भर का सहारा
तलाशता कांपता मन
अनजान कल की सोच
आज को करे दृढ़ सा
इस युद्ध मे हूं मै फिरोज़
जैसे मत्स्य की आखं का निशाना
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