गुरुवार, 15 जून 2023

भाई

 भाई आपकी बहुत याद आती है


वो लडना खेल खेल मे

मुझ पर कॉकरोच फेकना 

सब बच्चे जब करे अलग

मुझे अपनी टीम मे लेना



भाई आपकी बहुत याद आती है


मेरी किताबों पर कवर चढाना 

बडे शौक से उनपर नाम लिखना

अकेले मे मुझे बहुत चिढाना

सबके सामने मेरी ढाल बन जाना


भाई आपकी बहुत याद आती है


वक्त बढते बढते बदल गया

पर धागे हमारे रहे मजबूत 

उम्र बढी , संघर्ष बढे, रास्ते बदले

पर जोड रहा ये हमारा अटूट



भाई आपकी बहुत याद आती है


कोई गलती हो तो माफ करना भईया 

छोटी गुडिया हूँ मै आपकी

आप के सामने खडी चुपचाप

अब ढाल बनने को तैयार आपकी


भाई आपकी बहुत याद आती है





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