सोमवार, 21 फ़रवरी 2022

Hanste hanste

 हंसते हंसते रुकी मैं

गीले गालों को हैरानी से देखते

थक के जब हार बैठी मैं

गुजरे हुए रास्ते को देखा


लम्हे हसीन करते हुए याद 

उन्हे दिल खोलके देखा।

छुपे हुए जज्बातों को मैंने

चुपके से सिसकते देखा


दोस्तों को पलक झपकते

राह बदलते मैने देखा

तो अजनबी को ज़िंदगी में

चारो और इत्र बिखेरते देखा


कहानी बड़ी दिलचस्प सी

ज़िंदगी को मैंने गौर से देखा

जीत को हार में और हार में जीत

हर बार एक नए नज़रिए से देखा




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